देश, समाज एवं कानूनी व्यवस्था की मजबूती के लिए अधिवक्ताओं का मजबूत होना अनिवार्य-शिवमंगल सिंह* *⏩ऑपरेशन विजय प्रमुख ने अधिवक्ताओं के हित में अधिवक्ता राहत प्रकोष्ठ का किया गठन देश की प्रमुख हस्तियों को भेजा ज्ञापन - ADAP News - अपना देश, अपना प्रदेश!

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देश, समाज एवं कानूनी व्यवस्था की मजबूती के लिए अधिवक्ताओं का मजबूत होना अनिवार्य-शिवमंगल सिंह* *⏩ऑपरेशन विजय प्रमुख ने अधिवक्ताओं के हित में अधिवक्ता राहत प्रकोष्ठ का किया गठन देश की प्रमुख हस्तियों को भेजा ज्ञापन

 


समस्याओं से ग्रसित समाज को बाहर निकालने एवं पीड़ित व न्याय से वंचितों को समय पर न्याय दिलवाने के इरादे से गैर राजनीतिक, देशव्यापी, देश व समाज से सभी सामाजिक बुराइयों को जड़ से मिटाने के साथ-साथ समाज के पीड़ित एवं न्याय से वंचित सर्व समाज को निशुल्क न्याय दिलाने का 2011 से कार्य कर रहे "ऑपरेशन-विजय" बुराइयों के खिलाफ जंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवमंगल सिंह (आईपी) ने समाज हितार्थ समस्याओं एवं न्यायपालिका में अहम भूमिका निभाने वाले अधिवक्ताओं की समस्याओं का पता लगाने एवं उन्हें मजबूत बनाने के इरादे से ऑपरेशन विजय की प्रमुख पदाधिकारी प्रियंका यादव (एडवोकेट हाईकोर्ट) की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी, जिस कमेटी ने अधिवक्ता एवं देश व समाज हित में अधिवक्ताओं को मजबूत व सशक्त बनाने हेतु 16 मांगों की सिफारिश ऑपरेशन विजय बुराइयों के खिलाफ जंग की कोर कमेटी से की थी, जिस पर तत्काल अमल कर, सख्त कदम उठाते हुए ऑपरेशन विजय प्रमुख ने अधिवक्ता हित की 16 मांगों पर कार्रवाई हेतु भारत के महामहिम राष्ट्रपति, भारत के प्रधानमंत्री, भारत के गृहमंत्री एवं भारत के मुख्य न्यायाधीश महोदय को पत्र लिखकर देश, समाज व अधिवक्ता हित में अधिवक्ताओं को मजबूत एवं सशक्त बनाने हेतु मांगो पर अमल करने को कहा है।

      उपरोक्त जानकारी देते हुए, ऑपरेशन विजय प्रमुख शिवमंगल सिंह {आई.पी.} ने एक विशेष प्रेस वार्ता में कहा कि अधिवक्ताओं के हित में ऑपरेशन विजय बुराइयों के खिलाफ जंग द्वारा उठाया गया कदम वास्तव में देश की आम जनता के साथ-साथ संपूर्ण देश व समाज  हित में है, क्योंकि वर्तमान हालत में आम जनता को समस्याओं से मुक्ति एवं न्यायपालिका द्वारा समय से न्याय दिलवाने में अधिवक्ता ही अहम भूमिका निभाते हैं और यदि उनकी समस्याओं का निराकरण हो जाए तो और भी बेहतर तरीके से समाज हितार्थ भूमिका निभा सकते हैं, इसलिए अधिवक्ताओं को समस्याओं से मुक्त एवं सशक्त बनाना बहुत ही जरूरी है।

    साथ ही उन्होंने कहा कि समाज हितार्थ यदि अधिवक्ताओं की 16 मांगे भारत सरकार द्वारा नहीं मानी जाती हैं, तो ऑपरेशन विजय बुराइयों के खिलाफ जंग एक देशव्यापी आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

     ऑपरेशन विजय द्वारा अधिवक्ताओं के हित में भारत सरकार मांगी गई निम्न मांगे है।

1-सभी नए एवं पुराने अधिवक्ताओं को अपने कार्य क्षेत्र में चेंबर सुनिश्चित कराया जाए।

2-प्रत्येक न्यायिक परिसर में सब्सिडी वाली कैंटीन की व्यवस्था की जाए।

3- प्रत्येक न्यायिक परिसर में लाइब्रेरी की व्यवस्था की जाए।

4- प्रत्येक न्यायिक परिसर में फ्री इंटरनेट की व्यवस्था की जाए।

 5-प्रत्येक न्यायिक परिसर में समुचित शौचालय की व्यवस्था की जाए।

6-सभी न्यायिक परिसरों में वाहन स्टैंड की समुचित व्यवस्था की जाए।

7-सभी न्याय परिसरों में अधिवक्ताओं की सुरक्षा हेतु पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए।

8-सभी नए अधिवक्ताओं को रुपए 5000 से 10000 तक प्रतिमाह प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए। 

9- अधिवक्ताओं को कोरोना काल जैसी आपात स्थिति में प्रतिमाह ₹10000/- राहत भत्ता दिया जाए।

10-बुजुर्ग अधिवक्ताओं को प्रतिमाह पेंशन दी जाए।

11- सभी अधिवक्ताओं को परिचय पत्र पर टोल टैक्स फ्री किया जाए।

12-अधिवक्ताओं को सरकारी बसों एवं भारतीय रेल में आधे किराए की छूट दी जाए। 

13-कोरोना काल में जान गवाने वाले प्रत्येक अधिवक्ता को रुपए- 1000000/- (दस लाख) की आर्थिक सहायता की जाए।

14- अधिवक्ताओं के व्यक्तिगत एवं सार्वजनिक मामलों में बिना मजिस्ट्रेट के आदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तारी ना की जाए।

15- अधिवक्ताओं की व्यक्तिगत सुरक्षा हेतु प्राथमिकता में शस्त्र लाइसेंस दिए जाएं 16- अधिवक्ताओं के बच्चों को सरकारी नौकरी एवं शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण दिया जाए।


    

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